Sunday, August 16, 2009

आम या खास, बरतें एहतियात

स्वाइन फ्लू स्क्रिनिंग सेंटरों पर भारी भीड़ है, हालांकि वास्तविकता यह है कि यहां पहुंचने वाले महज आठ से दस फीसदी लोगों को ही जांच की जरूरत होती है। शाम होते-होते सत्तर से अस्सी लोग नाम लिखवाते हैं, इनमें से केवल दस से बारह लोगों के ही नमूने लेने की जरूरत पड़ती है। इनमें से कई तो मौसमी सर्दी-खासी से घबराकर सेंटरों में पहुंच जाते हैं। हालांकि इसमें उनकी गलती नहीं है, क्योंकि इस बीमारी ने जो रूप ले लिया है, उससे आम आदमी डरा हुआ है। इसीलिए सेंटरों में काउंसिलिंग की व्यवस्था भी की गयी है,जो उन्हें सही दिशानिर्देश दे सकें। ऐसे लोगों को मैं डरा हुआ आदमी कहता हूं। लेकिन इस डर को पूरी तरह अतार्किक नहीं कहा जा सकता क्योंकि इन्हीं में से कुछ लोगों में बीमारी की पुष्टि भी हो रही है। हां, एहतियात एवं सतर्कता जरूरी है, लेकिन इससे इतना डरने की भी जरूरत नहीं है। जारी दिशा निर्देशों को गंभीरता से लें। उनका पालन करें। अगर, एहतियात बरता जाए तो इस बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। रही अस्पतालों की बात तो ऐसे में हमारा फर्ज बनता है कि हम लोगों तक बीमारी के लक्षण और उनसे बचाव के तरीकों के बारे में सही जानकारी पहुंचाएं। अन्य बीमारियों की तरह यह भी बीमारी है, फर्क बस इतना है कि यह पहली बार हुयी है। परी दुनिया के लिए यह वायरस नया है। बड़े-बड़े वैज्ञानिकों और डाक्टरों की टीमें इसकी वैक्सीन खोजने में लगी हैं। एक डाक्टर होने के नाते एक बात और मैं कहना चाहूंगा कि संकट है, यह बात बिल्कुल सही है, लेकिन डरकर और घबराकर हम अपने को मानसिक तौर पर और भी ज्यादा कमजोर बना लेते हैं।
यहां तक की स्क्रिनिंग सेंटरों में पहुंचने वाले लोग घबराहट में आकर वहां दिए जाने वाले फार्म में दिए गए सवालों के विकल्पों में निशान लगा रहे हैं। आपको जुकाम है, मगर इसका मतलब यह नहीं कि आपको स्वाइन फ्लू ही है, इससे पहले भी आपको कई बार जुकाम हुआ होगा,खांसी और बुखार भी हुआ होगा। ठीक है,क्योंकि इस वक्त हम एक नयी बीमारी से घिरे हैं, तो सतर्कता बरतें लेकिन अतिमूल्यांकन करने से बचें। फार्म को हड़बड़ाहट में न भरें, बिल्कुल ठीक सूचना दें, जिससे डाक्टरों को उनकी शारीरिक दशा का आंकलन करने में सुविधा हो। हालांकि जांच होनी है या नहीं इसके लिए फार्म के अलावा कई और मापदंड भी परखे जाते हैं। जसे अगर संस्कृति स्कूल का कोई बच्चा हमारे पास आता है, तो हम उससे अलग से कई सवाल करेंगे, क्योंकि वहां के तीन बच्चों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है, लिहाजा अब पहले हम यह पूछेंगे कि क्या यह बच्चे उसी कक्षा के हैं। अगर हैं तो फिर हां, ना का सवाल नहीं उठता इनके नमूने फौरन लिए जाएंगे। इसके अलावा इनके भाई-बहन और मां-बाप की भी जांच की जा सकती है। यानी संपर्क में आए व्यक्ति के साथ हम कोई चांस नहीं लेना चाहते हैं। और इसके अलावा डाक्टरों में एक क्लिनिकल हंच भी होता है। यानी लंबे समय से इस पेशे में रहने के बाद हमें जो अनुभव मिला है उसका भी प्रयोग करते हैं। लेकिन एक फीसदी गलती होने के आसार फिर भी बचे रहते हैं, क्योंकि डाक्टर भगवान नहीं होते। नमूने इकट्ठे करने एवं मरीजों की तीमारदारी में लगे डाक्टरों एवं कर्मचारियों रोजाना एक टैमीफ्लू की खुराक देने समेत एन-95 मास्क दिया जा रहा है।
एक बात और लोग मास्क को लेकर ऊहापोह में हैं, आम आदमी को केवल थ्री-लेयर वाले सर्जिकल मास्क की जरूरत है। कई लोग हमारे पास परीक्षण के लिए आते हैं और एन-95 की मांग करते हैं, यह केवल डाक्टरों एवं वार्ड में काम कर रहे लोगों के लिए है। लेकिन मास्क खरीदते वक्त यह जरूर देख लें कि इसमें थ्री-लेयर हों। क्योंकि अगर मास्क के भीतर से आपका चेहरा साफ झलक रहा है तो यह किसी काम का नहीं है। आखिर में बस एक बात जो जो मैं बार कह रहा हूं कि सरकार बार-बार कुछ दिशानिर्देश दे रही उनका पालन करना बेहद जरूरी है। आम हो या खास ध्यान रखें वायरस किसी को पहचनता नहीं डाक्टर या आम आदमी कोई भी इसकी चपेट में आ सकता है। स्वास्थ्य संवाददाता भी इससे अलग नहीं हैं। उन्हें भी जरूरी इंतजाम के साथ अस्पतालों में जाना चाहिए। ऐसा नहीं कि खबर हर कीमत पर देने के चक्कर में वह एहतियात ही न बरतें।
एलएनजेपी में हैं पूरे सुरक्षा इंतजाम-
मौजूदा स्थिति में हमारे पास चार मरीजों और चार संदिग्धों के लिए बिस्तर उपलब्ध हैं। लेकिन जरूरत पड़ी तो इतने ही लोगों की व्यवस्था फौरन की जा सकती है। इसके अलाव एक हाल भी हमने रिजर्व रखा है, आपातकाल में उसे भी उपयोग में लाया जाएगा। बीच-बीच में यहां पर एचवनएनवन से जुड़े सवालों के जवाब देने के लिए आम लोगों से आन लाइन चैटिंग भी की जा रही।
एलएनजेपी में मेडिकल सप्रीटेंडेंट, डा. अमित बनर्जी

1 comment:

  1. यह आपने बहुत अच्छा लिखा है लोगो तक सही जानकारी पहुंचाना ज़रूरी है वरना दहशत मे लोग कुछ भी कर सकते है . यह ऑंन लाईन चेटिंग कहाम से हो रही है उस साईट का पता दें

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